Saturday, February 4, 2012

shiv ka dhanush

विद्यालय में आ गए इंस्पेक्टर स्कूल
छठी क्लास में पढ़ रह विद्यार्थी हरफूल
 विद्यार्थी हरफूल प्रश्न उससे कर बैठे
किसने तोडा शिव का धनुष बताओ बेटे
छात्र सिटपिटा गया बिचारा धीरज छोड़ा
हाथ जोड़ कर बोला सर मैंने न तोडा

उत्तर सुनकर आ गया सर के सर को ताव
फ़ौरन बुलवाए गए हेडमास्टर साव
 हेडमास्टर साव पढाते हो क्या इनको
किसने तोडा धनुष नहीं मालूम है जिनको
 हेडमास्टर फिर भन्नाया फिर तोडा किसने
झूठ बोलता है जरूर तोडा है इसने

इंस्पेक्टर अब क्या कहे मन ही मन मुस्कात
आफिस में जाकर हुई मैनेजर से बात
 मैनेजर से बात छात्र में जितनी भी है
उससे ज्यादा बुद्धि हेडमास्टर जी कि है
मैनेजर बोला जी हम चंदा करवा लेंगे
नया धनुष उससे भी अच्छा बनवा देंगे

शिक्षा मंत्री तक गए जब उनके जज्बात
माननीय गदगद हुए बहुत खुशी की बात
 बहुत खुशी की बात धन्य हैं ऐसे बच्चे
अध्यापक मैंनेजर भी हैं कितने सच्चे
कह दो उनसे चंदा कुछ ज्यादा करवा लेना
जो बैलेंस बचे बो हमको भिजवा दें .........


Tuesday, December 6, 2011

श्री कृष्ण






तिरछा है किरीट कसा उसमें
तिरछा वनमाल पडा रहता है

तिरछी कटि काछनि है जिसमें
 सुख सिंधु सदा उमड़ा रहता है

तिरछे पद कुञ्ज कदम्ब तरे
 तिरछे दृग तान खड़ा रहता है

किस भांति निकाले कहो दिल से
तिरछा घनश्याम अड़ा रहता है .....

Monday, December 5, 2011

वृद्धों के सम्मान से लाभ

दानेन भोगी भवति मेधावी वृद्धसेवया
अहिंसया च दीर्घायुरिती प्रहुर्मनीषिणः  
 दानेन भोगी भवति मेधावी  वृद्ध                 

प्रेम

प्रेमैव मास्तु यदि चेत् सुजनेन मास्तु
तेनापि चेत् गुणवता न समं कदापि
तेनापि चेत्भवतु नैव कदापि भंगो
भंगोsपि चेत् भवतु प्राणविरामकाले ...........

मित्र महिमा

शोकारातिः भयत्राणां प्रीतिविश्रंभभाजिनम् 
केन रत्नमिदंसृष्टं मित्रमित्यक्षरद्वयं........